चले सनातन की ओर

जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग को लेकर आमरण अनशन

जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे जगतगुरु परमहंसाचार्य ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र   भुखमरी और बढ़ते अपराधों से बचाने के लिए शीघ्र बनाया जाए कानून : परहंसाचार्य-महाराज

गुडग़ांव:  जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने की मांग को लेकर शिवशक्ति धाम में आमरण अनशन पर बैठे जगतगुरु परहंसाचार्य महाराज ने अनशन के तीसरे दिन सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि आमरण अनशन पर बैठने के कारण यदि उनकी मृत्यु कठोर जनसंख्या
नियंत्रण कानून बनाए जाने से पहले ही हो जाए तो उनके शरीर का अंतिम संस्कार तब तक न किया जाए, जब तक कि केंद्र सरकार जनसंख्या नियंत्रण कानून नहीं बना देती। उन्होंने अपने पत्र में यह भी स्पष्ट किया है कि उनकी मृत्यु के बाद उनके शव पर सामाजिक संस्था अखिल भारतीय संत परिषद के राष्ट्रीय संयोजक यति नरसिंहानंद सरस्वती का अधिकार होगा, जो उनके शरीर का दाह संस्कार जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने के बाद करेंगे। प्रधानमंत्री से उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि देश को भुखमरी, गृह युद्ध और बढ़ अपराधों से बचाने के लिए शीघ्र ही यह कानून बनाए, अन्यथा देशवासियों को विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। संत परिषद के राष्ट्रीय संयोजक नरसिंहानंद सरस्वती ने भी प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि ये विचार संत के ही नहीं, अपितु पूरे देशवासियों के हैं। उनके विचारों व देश में उत्पन्न हो रही विषम परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाकर पूरे देश में लागू कर देना चाहिए, ताकि देश का विकास और अधिक तेजी से हो सके। आमरण अनशन में संत समाज के अलावा सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। भारत बचाओ संगठन के संयोजक विक्रम सिंह यादव का कहना है कि महाराज जी के आमरण अनशन में गुडग़ांव से भी बड़ी संख्या में संस्था से जुड़े व स्वयंसेवी संस्थाओं के सदस्य पहुंचे।

 

 

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