चले सनातन की ओर

आखिर कौन से खौफ ने बंद कर रखा है कन्या कुमारी मंदिर का पूर्वी प्रवेश द्वार

आखिर कौन से खौफ ने बंद कर रखा है कन्या कुमारी मंदिर का पूर्वी प्रवेश द्वार
कन्या कुमारी मंदिर माता पार्वती का मंदिर माना जाता है। दक्षिण भारत के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक इस मंदिर की कई खास बातें हैं। यहां हर साल देसी विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं। यहां अरब सागर, हिन्द महासागर और बंगाल की खाड़ी का संगम है। वर्षों से यहां पर समुद्री व्यापार भी होता रहा है। सुर्योदय के समय लोग छतों पर यह खूबसूरत नजारा देखते हैं।
कन्या कुमारी माता के विषय में बात करें तो एक पैराणिक कथा है कि दक्षिण भारत के प्रभावी राजा भरत का विश्व के कई हिस्सों पर राज होता था। उनकी आठ पुत्रियां और एक पुत्र था। राजा भरत ने अपने क्षेत्र को नौ हिस्सों में बांट रखा था। दक्षिण भारत का जो हिस्सा कन्या कुमारी कहा जाता ह,ै वह उनकी आठवीं पुत्री कुमारी के पास था। कहते हैं कि उन दिनों एक राक्षस बानासुर का बड़ा आतंक था। देवताआें से आर्शीवाद के अनुसार बानासुर का वध केवल कुवांरी कन्या से ही संभव था। राजा की पुत्री कुमारी शिव की बड़ी भक्त थीं। वह भगवान शिव से विवाह करना चाहती थीं। उनकी इच्छा के हिसाब से शिव जी भी उनसे विवाह करने को तैयार हो गए। उधर, नादर मुनि को जब यह पता चली तो उन्होंने सोचा कि बानासुर का वध तो सिर्फ देवी कुमारी के हाथो ही संभव है। यदि विवाह हो जाता है तो बानासुर को समाप्त नहीं किया जाता है। उन्होंने बानासुर को कुमारी की सुन्दरता के बारे में बताया। बानासुर देवी कुमारी के सुन्दरता सुन मोहित हो गया। उसने देवी के सामने विवाह का प्रस्ताव रखा। इस पर देवी ने उससे कहा कि यदि वह युद्ध में उन्हें हरा दे तो वह उससे विवाह कर लेंगी। बानासुर से युद्ध हुआ और देवी ने उसका वध किया। उधर, भगवान शिव से विवाह का मुर्हूत भी निकल गया। कहते हैं कि दोनों का विवाह नहीं हो पाया। इस वजह से विवाह का जो सामान रखा था,वह रंग विरंगी रेत में तब्दील हो गया। कहते हैं कि जो चावल और दाल थे वह आज भी पत्थर के रूप में हजारों की संख्या में बिखरे हैं।
देवी मंदिर के पूर्वी दरवाजे के न खुलने का भी रहस्य है। कहते हैं कि देवी की मुर्ति का मुख समुद्र की तरफ है। उनके गहनों से इतनी रोशनी निकलती है कि आने वाले समुद्री जहाज रोशनी से भ्रमित हो जाते हैं। उन्हें लगता है कि कोई लाईट हाउस है और एेसे में उनकी दुर्घटना भी हो जाती है। इसी वजह से पूर्वी दरवाजे को हमेशा बंद रखा जाता है।

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