चले सनातन की ओर

सत्संग करने से ही संभव है परमात्मा की प्राप्ति : स्वामी विवेकानंद महाराज

 

सत्संग करने से ही संभव है परमात्मा की प्राप्ति : स्वामी विवेकानंद महाराज
परमात्मा कण-कण में व्याप्त है। परमात्मा की भक्ति में लीन मनुष्य के लिए संसार की सभी वस्तुएं व्यर्थ होती हैं। वह अपनी आत्मा में ही परमात्मा की कल्पना करता है। परमात्मा की शरण में आने से सभी प्रकार की मोह माया मिट्टी के समान हो जाती है। उक्त उद्गार बसई रोड स्थित पर्णकुटि आश्रम के अधिष्ठाता स्वामी विवेकानंद महाराज ने आश्रम परिसर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में प्रवचन करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन सत्संग भजन करने के लिए प्राप्त हुआ। मनुष्य जीवन बड़े सत्कर्मों व सौभाग्य से मिलता है। माया रूपी संसार मे मनुष्य भक्ति भाव की भावना में टकाव आ जाता है, लेकिन मनुष्य को भक्ति भाव करना चाहिए क्योंकि बिना भक्ति परमात्मा की प्राप्ति नहीं होती। सत्संग करने से परमात्मा की प्राप्ति संभव है। सत्संग करने के लिए मनुष्य को झूठ, चोरी, नशा, हिंसा, व्यभिचार से दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि मन को एकाग्र कर परमात्मा की स्तुति करनी चाहिए। परमात्मा की भक्ति से जीवन के सभी प्रकार के कष्ट दूर हो जाते हैं और आत्मिक शांति का भी अनुभव होता है। इस आयोजन में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष व गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।

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