जीवन को बनाए सुंदर

डर से मुक्ति पाने के लिए हमें अपनी सभी गतिविधियों में प्रेम और भरोसे को जगाना होगा। तब आपको भूत नहीं बल्कि हर जगह ईश्वर के दर्शन होंगे। हमारे दिल में अगर प्रेम और भरोसा हो तो जिंदगी आसान हो जाती है। हम अपने ही भयों से मुक्त हो पाते हैं। अन्यथा हमारा जीवन संशय में ही बीतता है।

जब आप अपूर्णता में सुंदरता की तलाश करते हैं तो आप क्या देखते हैं? कोई ताजी हरी पत्ती भी सुंदर हो सकती है और मृत पत्ती भी। लेकिन सिर्फ इसी बात पर अड़ जाना कि हरी पत्ती ही सुंदर है कोई समझदारी नहीं है। वसंत भी सुंदर है और ग्रीष्म में भी सुंदरता है।

सुंदरता को देखना भी एक कला है। जीवन की हर चीज को देखने का हुनर आ जाए तो उनके अर्थ बदल जाते हैं। मार्शल आर्ट में बताया जाता है कि गिरने की कला सीखना चाहिए। सीखना चाहिए कि किस तरह गिरना है। असल में गिरने में भी आनंद है। यह ऐसी कला है जो हमें सीखना चाहिए। जब बच्चा हर बात मानता है तो उसमें सुंदरता है लेकिन जब वह शैतानी करता है तो उसमें सुंदरता है। दो बिल्कुल अलग स्वभाव की बातें हैं लेकिन दोनों ही सुंदर हैं। हो बस इतना कि हमें प्रकृति के साथ बहते हुए जीने का तरीका तलाशना चाहिए।

 

Supported by Astrologer Dr. Rajender Kumar

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