चले सनातन की ओर

क्या हमारा क्रोध बताता है हम इंसान कैसे हैं

क्रोध चार तरह का होता है –

1. लोहे में लकीर सा
2. पत्थर में लकीर सा
3. बालू में लकीर सा
4. पानी में लकीर सा

लोहे में लकीर-सा तामसी मनुष्यों का होता है, जो जन्म जन्मांतर तक चलता है।

पत्थर में लकीर-सा राजसी पुरुषों का होता है, जो कुछ दिनों में मिट जाता है।

बालू में लकीर-सा सात्त्विक सज्जनों का होता है जो हवा के झोंके से बालू की लकीर की भांति तुरंत नष्ट हो जाता है।

पानी में लकीर-सा संतों का होता है, जो आता सा दीखता है पर वास्तव में होता नहीं।

Supported by Astrologer Dr. Rajender Kumar

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