चले सनातन की ओर

अपने आप को मुश्किलों से बड़ा बनाएं

“अपने आप को मुश्किलों से बड़ा बनाएं”
मुश्किलों और मुसीबतों से घिरा एक व्यक्ति अपनी जिंदगी में बहुत परेशान था। बहुत ज्यादा हताश होने पर वह एक संत के पास पहुंचा और उन्हें अपनी समस्या बताई। संत ने उसकी बात को ध्यानपूर्वक सुना और उसे अगले दिन आने को कहा। अगले दिन संत ने उसे पानी से भरा एक गिलास देते हुए कहा-“इसमें एक मुट्ठी नमक डालो और इस पानी को पी जाओ।”
वह व्यक्ति संत की बात को मानते हुए पानी में नमक डालकर पीने लगा। लेकिन एक घूंट पानी से ज्यादा नहीं पी पाया और थूक दिया।
संत ने पूछा – “क्या हुआ? पानी का स्वाद कैसा लगा?”
व्यक्ति ने जवाब दिया – “बिल्कुल बेकार….. एकदम कड़वा”
संत थोड़ा मुस्कुराये और बोले – “अब एक मुट्ठी नमक और लो और मेरे पीछे पीछे आओ।”
थोड़ी देर चलने के बाद संत एक झील के पास जाकर रुके। अब संत ने व्यक्ति से कहा – “इस नमक को झील में डाल दो।” उसके बाद संत बोले – “अब इस झील का पानी पियो।” व्यक्ति ने झील से पानी लिया और पीने लगा। व्यक्ति के पानी पीने के बाद संत ने उससे फिर पूछा – “अब पानी का स्वाद कैसा है?”
व्यक्ति – “नहीं.. नहीं.. ये तो बहुत मीठा है।
फिर संत ने उसे समझाते हुए कहा – “जीवन के दुख भी बिल्कुल

Supported by Astrologer Dr. Rajender Kumar

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